By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Vlog News

Vlog News Are Here

Notification
Font ResizerAa
  • सामाजिक
  • व्यक्तित्व
  • व्यापार
  • फ़िल्में
  • वित्त
  • धर्म
  • तकनीकी
    तकनीकीShow More
    वाशिंग मशीन,
    How to resolve 4C or 4e error in samsung washing machine? वाशिंग मशीन में 4c error कैसे दूर करे ?
    January 1, 2024
    blogging
    meaning of blogging in hindi? ब्लॉगिंग कैसे करते है ?
    November 24, 2023
    Referral Code
    Referral Code मतलब क्या हैं औऱ प्राप्त कैसे करें referral code कैसे बनाते हैं
    November 24, 2023
    ERR_BLOCKED_BY_CLIENT
    ERR_BLOCKED_BY_CLIENT kaise Fix kre? puri Jankari
    November 24, 2023
    chrome //net-internals/#dns mobile
    chrome //net-internals/#dns mobile kaise flush (clear) kre step by step
    November 12, 2023
  • खाना
Reading: SURYA Namaskar kya hota hai? Surya namskar kaise krte hai? Surya namaskar mantra
Share
Font ResizerAa

Vlog News

Vlog News Are Here

  • सामाजिक
  • व्यक्तित्व
  • व्यापार
  • फ़िल्में
  • वित्त
  • धर्म
  • तकनीकी
  • खाना
Search
  • सामाजिक
  • व्यक्तित्व
  • व्यापार
  • फ़िल्में
  • वित्त
  • धर्म
  • तकनीकी
  • खाना
Follow US
Vlog News > धर्म > SURYA Namaskar kya hota hai? Surya namskar kaise krte hai? Surya namaskar mantra
धर्म

SURYA Namaskar kya hota hai? Surya namskar kaise krte hai? Surya namaskar mantra

Last updated: 2023/11/08 at 9:44 PM
SETHI Published November 8, 2023
Share
SHARE

सूर्य नमस्कार क्या होता है (surya namaskar kya hota hai?) यह स्वाल बहुत से लोग जानना चाहते है। सूर्य नमस्कार का मतलब होता है सूर्य को नमन करना जा सूर्य देवता की आराधना करना। सूर्य को सभी देवताओं में श्रेष्ठ माना जाता है। भारत के ऋषि मुनियो ने सूर्य की पूजा जा आराधना को बहुत महत्व दिया है। योग में भी सूर्य नमस्कार को बहुत ही श्रेष्ठ माना गिया है। आज हम आप को बतायेगे की सूर्य नमस्कार क्या होता है। सूर्या नमस्कार कैसे करते है? सूर्य नमस्कार के मंत्रा कौन से है।

Contents
सूर्य नमस्कार (surya namaskar) कैसे करते है ?सूर्य नमस्कार (surya namaskar) के 12 आसन1 प्रणाम आसन 2 हस्तुतनासन Hastauttanasana (Raised Arms pose3 हस्तपाद आसन | Hasta Padasana (Hand to Foot pose)4 अश्व संचालन आसन | Ashwa Sanchalanasana (Equestrian pose)5 पर्वत आसन | Parvatasana (Mountain pose)6 अष्टांग नमस्कार | Ashtanga Namaskara (Salute With Eight Parts Or Points)7 अष्टांग नमस्कार | Ashtanga Namaskara (Salute With Eight Parts Or Points)8 पर्वत आसन | Parvatasana (Mountain pose)9 अश्वसंचालन आसन | Ashwa Sanchalanasana (Equestrian pose)10 हस्तपाद आसन | Hasta Padasana (Hand to Foot pose)11 हस्तउत्थान आसन | Hastauttanasana (Raised Arms pose12 प्रणाम आसन | Prayer poseसूर्य नमस्कार (surya namaskar) मंत्रा और उनका मतलब सूर्य नमस्कार के लाभ [Surya Namaskar Ke Labh)
सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार (surya namaskar) कैसे करते है ?

सूर्य नमस्कार हर सुबह ख़ाली पेट सूरज की तरफ़ देख कर किया जाता है। सूर्य नमस्कार हमेशा ही ख़ाली पेट करना चाहिए। क्यूकी ख़ाली पेट सूर्या नमस्कार करने से हमारे पेट की बहुत सी दुख तकलीफ़ दूर हो जाती है। सुबह जल्दी उठ कर किसी खुली जगह जैसे बाग मैदान जा फिर घर की छत पर जा कर एक दरी जा मैट बिछा के उस पर करना चाहिये। सूर्य नमस्कार करते समय अगर आप सूर्य नमस्कार मंत्रा का जाप भी करते है तो उसका आपको जायदा लाभ मिलेगा।

सूर्य नमस्कार (surya namaskar) के 12 आसन

सूर्य नमस्कार के हमारे ऋषि मुनियो ने अपने योग अभ्यास में कुल 12 आसान बताये है इन 12 आसनों को आप एक के बाद एक आसन अगर करेगे तो आपको इसका बहुत लाभ मिलेगा। सूर्या नमस्कार के 12 आसनों का नाम नीचे दिया गिया है?

1 प्रणाम आसन

प्रणाम आसन का अर्थ है प्रथना की मुंद्रा। जैसे हम खड़े हो के दोनों हाथ जोड़ के भगवान की पूजा केरते है बिलकुल वैसे ही खड़े हो के दोनों हाथ जोड़ के सूर्या देवता के सामने खड़े होने के आसन को प्रणाम आसन कहते है। प्रणाम आसान शरीर के संतुलन बनाने में मदद करता है। प्रणाम आसन से तंत्रिका तंत्र को भी मज़बूती मिलती है ।

2 हस्तुतनासन Hastauttanasana (Raised Arms pose

हस्तुतनासन का अर्थ होता है चमकने वाला , इस सूर्य नमस्कार आसन में अपने दोनों हाथ अपने कंधों के ऊपर से उठा के फिर अपर उनको जोड़ के सीधा खड़ा होना होता है। हस्तुतानासन में हमारी पूरी छाती फ़ैल जाती है जिसकी वजह से हमारे फ़ैफ़डे भी फ़ैल जाते है जिसके कारण हमारे शरीर में पूरी ऑक्सीजन का संचार होता है और हमको एनर्जी मिलती है।

3 हस्तपाद आसन | Hasta Padasana (Hand to Foot pose)

हस्तपाद आसन | Hasta Padasana (Hand to Foot pose) का अर्थ होता है अंधकार को दूर करने वाला। इस आसन में हमे आगे की तरफ़ झुकते हुए अपने दोनों हाथों को ज़मीन से टच करना है और अपनी टाँगो को सीधा रखा जाता है। हस्तपदासन से हमारी रीढ़ की हड्डी को मज़बूती मिलती है और टाँगो को भी ताक़त मिलती है। कूल्हे कंधे भी इस आसन से मज़बूत होते है।

4 अश्व संचालन आसन | Ashwa Sanchalanasana (Equestrian pose)

अश्व संचालन आसन | Ashwa Sanchalanasana (Equestrian pose) का अर्थ होता है जो किसी को परकाशमान करे जा फिर ख़ुद परकाशमान हो।श्वास अन्दर भरकर दायें पैर को पीछे की ओर लें जायें तथा बायां पैर 90 डिग्री पर रहे, दृष्टि सामने की तरफ रहे । इस आसन से पैरो की मासपैशियो में ताक़त आती है। अगर किसी को क़ब्ज़ बैगैरा की दिक़्क़त हो तो उसमे यह आसान बहुत लाभ देता है।

5 पर्वत आसन | Parvatasana (Mountain pose)

पर्वत आसन | Parvatasana (Mountain pose) का अर्थ होता है अन्नत किरणों वाला परकश दात्ता। श्वास बाहर निकालकर बायें पैर को भी पीछे ले जायें, गर्दन और सिर दोनों हाथों के बीच में रहे । संभव हो तो सिर जमीन से लगा सकते हैं। इस आसन से पीठ की मासपेशिया मजूत होती है और बॉडी में रक्त का प्रवाह भी सही होता है।

6 अष्टांग नमस्कार | Ashtanga Namaskara (Salute With Eight Parts Or Points)

अष्टांग नमस्कार | Ashtanga Namaskara (Salute With Eight Parts Or Points) का अर्थ होता है आठ भागो की मदद से नमस्कार करने वाला।श्वास को रोककर हाथों एवं पैरों के पंजों को स्थिर रखते हुए छाती एवं घुटनों से भूमि का स्पर्श करें । श्वास सामान्य रहे । इस आसन से पीठ में लचकीला पन आता है ।

7 अष्टांग नमस्कार | Ashtanga Namaskara (Salute With Eight Parts Or Points)

अष्टांग नमस्कार | Ashtanga Namaskara (Salute With Eight Parts Or Points) करने से पीठ के दर्द में कमी आती है और तनाव से भी मुक्ति मिलती है। श्वास अन्दर भरकर छाती को ऊपर उठायें, नाभि तक का भाग भूमि पर टिका हो । दृष्टि आकाश की ओर रहे ।

8 पर्वत आसन | Parvatasana (Mountain pose)

पर्वत आसन | Parvatasana (Mountain pose) इस आसन से पीठ की मासपेशिया मज़बूत होती है। श्वास बाहर निकालकर नितंब को ऊपर उठाते हुए पैरों को सीधा करें । सिर हाथों के बीच में रहे, हो सके तो जमीन पर लगा दें ।

9 अश्वसंचालन आसन | Ashwa Sanchalanasana (Equestrian pose)

अश्वसंचालन आसन | Ashwa Sanchalanasana (Equestrian pose) इस आसन से पेट की चर्बी कम होती है जिस से बहुत से बीमारियो से मुक्ति मिलती है। श्वास बाहर निकालकर बायें पैर को दायें पैर के पास लायें, घुटने सीधे करें, सिर को घुटनों से लगाने का प्रयास करें ।

10 हस्तपाद आसन | Hasta Padasana (Hand to Foot pose)

हस्तपाद आसन | Hasta Padasana (Hand to Foot pose) आसान से रीढ़ की हड्डी और पैर को मज़बूती मिलती है। श्वास अन्दर भरकर दायें पैर को दोनो हाथों के बीच में रखें, बायाँ पैर पीछे सीधा व तना हुआ रहे । और दृष्टि सामने की तरफ रहे ।

11 हस्तउत्थान आसन | Hastauttanasana (Raised Arms pose

हस्तउत्थान आसन | Hastauttanasana (Raised Arms pose इस आसन से छाती फूलती है और ऑक्सीजन की पूरी सप्लाई आती है बॉडी को श्वास अन्दर भरकर सामने से हाथों को ऊपर उठाते हुए पीछे की तरफ ले जायें ।

12 प्रणाम आसन | Prayer pose

प्रणाम आसन | Prayer pose यह प्रथन की पहले वाला आसान है। इस सूर्य नमस्कार आसान से पूरे शरीर में संतुलन बनता है। श्वास की गति सामान्य रखते हुए दोनों हाथ जोड़ लें तथा हाथों को छाती के सामने रखें । अंत में सम स्थिति में आ जायें ।

सूर्य नमस्कार (surya namaskar) मंत्रा और उनका मतलब

सूर्य नमस्कार करते समय कुछ मंत्रों का जाप किया जाता है जिसको सूर्य मंत्रा कहा जाता है। कुल 12 सूर्य मंत्रा है जो सूर्य नमस्कार के समय जाप किए जाते है.

1 उच्चारण : ॐ मित्राय नमः

अर्थ:  सबके साथ मैत्रीभाव बनाए रखता है।

2 उच्चारण: ॐ रवये नमः। 

अर्थ: जो प्रकाशमान और सदा उज्जवलित है।

3 उच्चारण: ॐ सूर्याय नम:। 

अर्थ: अंधकार को मिटाने वाला व जो जीवन को गतिशील बनाता है।  

4 उच्चारण: ॐ भानवे नमः। 

अर्थ: जो सदैव प्रकाशमान है।

5 उच्चारण: ॐ खगाय नमः। 

अर्थ: वह जो सर्वव्यापी है और आकाश में घूमता रहता है।

6 उच्चारण: ॐ पूष्णे  नमः। 

अर्थ: वह जो पोषण करता है और जीवन में पूर्ति लाता है।

7 उच्चारण: ॐ हिरण्यगर्भाय नमः। 

अर्थ: जिसका स्वर्ण के भांति प्रतिभा / रंग है।

8 उच्चारण: ॐ मरीचये नमः। 

अर्थ: वह जो अनेक किरणों द्वारा प्रकाश देता है।

9 उच्चारण: ॐ आदित्याय नम:। 

अर्थ: अदिति (जो पूरे ब्रम्हांड की माता है) का पुत्र

10 उच्चारण: ॐ सवित्रे नमः। 

अर्थ: जो इस धरती पर जीवन के लिए ज़िम्मेदार है।

11 उच्चारण: ॐ अर्काय नमः। 

अर्थ: जो प्रशंसा व महिमा के योग्य है।

12 उच्चारण: ॐ भास्कराय नमः। 

अर्थ: जो ज्ञान व ब्रह्माण्ड के प्रकाश को प्रदान करने वाला है।

सूर्य नमस्कार के लाभ [Surya Namaskar Ke Labh)

  1. प्रतिदिन विधिवत् सूर्यनमस्कार करने से यह हमारे शरीर के सम्पूर्ण अंगों की विकृतियों को दूर करके उसे निरोग बना देता है ।
  2. हाथों-पैरों का दर्द दूर होता है व उनमें सबलता आ जाती है ।
  3. गर्दन, फेफड़े तथा पसलियों की मांसपेशियाँ सशक्त हो जाती हैं ।
  4. शरीर की फालतू चर्बी कम होती है व शरीर हल्का-फुल्का हो जाता है ।
  5. सूर्यनमस्कार द्वारा त्वचा रोग समाप्त हो जाते हैं अथवा होने की सम्भावना समाप्त हो जाती है । इसके अभ्यास से कब्ज आदि पेट की समस्याएँ मिट जाती हैं और पाचन तंत्र बलवान हो जाता है ।
  6. शरीर की छोटी-बड़ी सभी नस-नाड़ियाँ क्रियाशील हो जाती हैं इसलिए आलस्य, अतिनिद्रा आदि विकार दूर हो जाते हैं ।

ऐसी और ख़बरों के लिए हमारी वेबसाइट www.vlognews.in को बुकमार्क करे।

TAGGED: Surya namaskar, surya namaskar mantra, सूर्य नमस्कार कैसे करें, सूर्य नमस्कार क्या होता है, सूर्य नमस्कार मंत्र
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
By SETHI
Follow:
I am Sethi. its my blog. I am teacher, content writer, and nature explorer.
Previous Article Accident Reasons of Road Accidents ?
Next Article दीपावली उत्सव दीपावली (दिवाली उत्सव ) 2023 DEEPAVALI (DIWALI) UTSAV 2023
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

ketki ka phool
धर्म

ketki ka phool kaisa hota hai? Jane Ketki ke phool ko shrap ki kahani

January 8, 2024
51 shakti peeth
धर्म

MATA SATI KE 51 SHAKTI PEETH KAHA KAHA HAI ?

December 5, 2023
लक्ष्मी माता की आरती,
धर्म

दीपावली में लक्ष्मी माता की आरती कब और कैसे करे ? ओम जय लक्ष्मी माता

November 5, 2023
navratre day 9
धर्म

Navratre Day 9 ,2023 माता की पूजा कैसे करें, क्या करें, क्या ना करें

October 22, 2023
@Vlognews.in all right reserved. No copywrite allowed.
  • HOME
  • DISCLAIMER
  • Contact Us
  • ABOUT US
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?