क्रिकेट में टाइम आउट क्या होता है (what is time out) इस को अब सब क्रिकेट के दीवाने लोग जानना चाहते है। आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच में चल रहे मैच में श्रीलंका के बल्लेबाज़ एंजेलो मैथ्यूज़ को अंपायर ने टाइम आउट (time out) दे दिया। जिसके बाद उनको बिना कोई बॉल खेले वापिस जाना पड़ा। एंजेलो मैथ्यूज़ के टाइम आउट होने के बाद क्रिकेट में टाइम आउट होने के नियम पर चर्चा चल पड़ी है। aaj हम आपको क्रिकेट में टाइम आउट क्या होता है और टाइम आउट कैसे होता है हिन्दी में बतायेगे।

क्रिकेट में टाइम आउट (time out) का रूल क्या है?
और सभी गेम्स की तरह ही क्रिकेट में भी बहुत से रूल है। पर कुछ रूल ऐसे है जिनका आज तक कभी इस्तेमाल ही नी हुआ इसलिए लोग उसके बारे में बहुत कम जानते है। हम आप को बताते है की क्रिकेट में टाइम आउट रूल क्या होता है। क्रिकेट की रूल बुक के के रूल नंबर 40.1.1 के अनुसार किसी बल्लेबाज़ के आउट होने के बाद जा उसके रिटायर्ड होने के बाद बैटिंग करने वाले बल्लेबाज़ को 3 मिनट के अंदर अंदर ग्राउंड में आ कर बॉल खेलना जा पिच पर मजूद होना ज़रूरी है। क्रिकेट वर्ल्ड कप में यह रूल 2 मिनट का है। अगर बल्लेबाज़ 2 मिनट के अंदर अंदर ग्राउंड में आकर बॉल नहीं खेलता तो दूसरी टीम उसके ख़िलाफ़ टाइम आउट की अपील कर सकती है। बिना अपील के खिलाड़ी को टाइम आउट नहीं दिया जा सकता।
क्यों बना था क्रिकेट में टाइम आउट (time out) का रूल
क्रिकेट में टाइम आउट का रूल क्यों बना था यह सब लोग जान ना चाहेगी। क्रिकेट अंग्रेजों की गेम थी इसको जेंटेलमैन गेम भी कहा जाता है। पहले जब क्रिकेट के मैच होते थे तो खिलाड़ी के आउट होने के बाद भी दूसरा खिलाड़ी ग्राउंड में नहीं आता था वह दूसरी टीम का टाइम बर्बाद करता रहता था ता जो मैच ड्रा हो सके जा दिन निकल सके। बहुत से मैचों में जब ऐसा हुआ तो इस टाइम आउट के नियम को बनाने कि ज़रूरत महसूस हुई। और फिर जाकर आईसीसी ने क्रिकेट में टाइम आउट का नियम बनाये।
एंजेलो मैथ्यूज़ पहले प्लेयर जो टाइम आउट हुए
क्रिकेट के 145 सालों के इतिहास में अब तक क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में कोई भी प्लेयर कभी भी टाइम आउट नहीं हुआ। एंजेलो मैथ्यूज़ ऐसे पहले प्लेयर है तो क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में टाइम आउट हुए है। ऐसा नहीं है कि किसी टीम के पास टाइम आउट करने का मौक़ा नेही था पर किसी भी टीम ने कभी भी किसी प्लेयर के ख़िलाफ़ कभी टाइम आउट कि अपील ही नी की।
सौरव गांगुली बाल बाल बचे थे टाइम आउट होने से
एक बार इंडिया और साउथ अफ़्रीका के मैच में द्रविड़ के आउट होने के बाद सौरव गांगुली पूरे 6 मिनट के बाद ग्राउंड में आये थे, लेकिन साउथ अफ़्रीका के उस समय के कैप्टेन स्मिथ ने सौरव गांगुली के ख़िलाफ़ टाइम आउट की अपील ना करने का फ़ैसला किया और सौरव गांगुली ने बैटिंग की। स्मिथ के इस फ़ैसले की सब क्रिकेट जगत में बहुत तारीफ़ हुई थी।
हुआ यू था कि द्रविड़ के आउट होने के बाद सचिन थके हुए थे और वीवीएस लक्ष्मण नहा रहे थे तो कोई भी बल्लेबाज़ बैटिंग के लिये मजूद नहीं था। तब जल्दबाज़ी में सौरव गांगुली को ग्राउंड में बैटिंग के लिए आना पड़ा। उनको तैयार होने में 6 मिनट से जायदा समय लग गिया था।
एंजेलो मैथ्यूज़ कैसे हुए मैच में टाइम आउट
आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 के श्रीलंका और बांग्लादेश के मैच में अंपायर ने एंजेलो मैथ्यू को टाइम आउट दे दिया। आये जानते है क्या है पूरा मामला। श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच चल रहे क्रिकेट मैच में जब 6 नंबर पर एंजेलो मैथ्यूज़ बैटिंग करने के लिए 2 मिनट से लेट आये तो बांग्लादेश के बॉलर शाकिब आल हसन ने और बांग्लादेश टीम ने एंजेला मैथ्यूज़ के ख़िलाफ़ टाइम आउट की अपील केआर दी। अंपायर ने भी उनकी टाइम आउट की अपील को माँ लिया और एंजेलो मैथ्यूज़ को टाइम आउट दे दिया। एंजेलो मैथ्यूज़ ने बांग्लादेश टीम और अंपायर को बहुत समझाने की कोशिश कि लेकिन कोई नी माना तो एंजेलो मैथ्यूज़ को टाइम आउट हो के वापिस जाना पड़ा।
क्रिकेट में टाइम आउट के नियम पर क्या बोले और खिलाड़ी
एंजेलो मैथ्यूज़ के मैच में टाइम आउट होने के बाद इस नियम पर चर्चा चल पड़ी है। आयरलैंड के पूर्व कप्तान नील ओ ब्रायन ने कहा है कि यह नियम में सुधार की ज़रूरत है क्यों की एंजेलो मैथ्यूज़ ग्राउंड में आ चुके थे लेकिन अचानक उनके हेलमेट कि स्ट्राप के टूटने कि वहज से उन्होंने दूसरा हेलमेट मँगवा लिया जिसको आने में देर हो गेई और 2 मिनट से जायदा का समय हो गिया और उनको टाइम आउट दे दिया गिया।
क्रिकेट में टाइम आउट पर पूछे जाने वाले FAQ
क्रिकेट में टाइम आउट क्या होता है?
क्रिकेट में टाइम आउट का मतलब होता है जब किसी बल्लेबाज़ के आउट होने के बाद जा रिटायरमेंट के बाद दूसरा बल्लबाज़ 3 मिनट में और वर्ल्ड कप में 2 मिनट में क्रीज़ पर आ कर बाल ना खेले तो उसके ख़िलाफ़ टाइम आउट की अपील की जा सकती है और उसको आउट दिया जा सकता है।
अब टाइम क्रिकेट में कितने प्लेयर खिलाड़ी टाइम आउट हुए है।
आज तक क्रिकेट के 146 साल के इतिहास में सिर्फ़ श्री लंका के एंजेलो मैथ्यूज़ ही क्रिकेट में टाइम आउट। हुए है. उनके ख़िलाफ़ बांग्लादेश टीम के बॉलर शाकिब उल हसन ने टाइम आउट की अपील की
क्रिकेट में टाइम आउट से बचने के लिए कितने मिनट में बाल खेलना ज़रूरी है.
क्रिकेट में टाइम आउट से बचने के लिए आम मैच में खिलाड़ी को 3 मिनट में और क्रिकेट वर्ल्ड कप में 2 मिनट में क्रीज़ पर आ कर बाल खेलना ज़रूरी है।
क्रिकेट मैच में टाइम आउट किस रूल से दिया जाता है?
क्रिकेट की रूल बुक के रूल नंबर 40.1.1 के हिसाब से टाइम आउट का निर्णय
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